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चीन के पास दुनिया की सबसे पुरानी और अटूट सभ्यता है, जिसमें छः सहस्राब्दियों से भी अधिक पुराने राज्य और संस्कृतियाँ शामिल हैं. इसके पास दुनिया में काफ़ी समय से लगातार प्रयुक्त लिखित भाषा प्रणाली है और इसे कई बड़े आविष्कारों का स्रोत माना जाता है. ऐतिहासिक रूप से, चीन की सांस्कृतिक परिधि, समग्र पूर्वी एशिया में फैली हुई है, जहाँ चीनी धर्म, रीति-रिवाज, और लेखन-प्रणालियों को, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे पड़ोसी देश, थोड़ी-बहुत हेर-फेर के साथ अपना रहे हैं. चीन में आदि मानव 2.24 लाख से 250000 वर्ष पहले के हैं. ज्हौकौदियन की एक गुफ़ा (फ़िलहाल जो बीजिंग के समीप है) में 300,000 से 550,000 वर्ष पुराने जीवावशेष हैं यह जीवावशेष पीकिंग मैन के हैं, होमो एरेक्टुस का एक नमूना जिन्होंने आग इस्तेमाल किया.पर आज का चीन काफी कुछ बदल चुका है जो वू शी और बीजिंग की इन तसवीरों में साफ दखिता है। हमें ये तस्‍वीरें चीन से लौटकर वरिष्‍ठ पत्रकार श्री जयप्रकाश अवस्‍थी ने भेजी हैं।
चीन के पास दुनिया की सबसे पुरानी और अटूट सभ्यता है, जिसमें छः सहस्राब्दियों से भी अधिक पुराने राज्य और संस्कृतियाँ शामिल हैं. इसके पास दुनिया में काफ़ी समय से लगातार प्रयुक्त लिखित भाषा प्रणाली है और इसे कई बड़े आविष्कारों का स्रोत माना जाता है. ऐतिहासिक रूप से, चीन की सांस्कृतिक परिधि, समग्र पूर्वी एशिया में फैली हुई है, जहाँ चीनी धर्म, रीति-रिवाज, और लेखन-प्रणालियों को, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे पड़ोसी देश, थोड़ी-बहुत हेर-फेर के साथ अपना रहे हैं. चीन में आदि मानव 2.24 लाख से 250000 वर्ष पहले के हैं. ज्हौकौदियन की एक गुफ़ा (फ़िलहाल जो बीजिंग के समीप है) में 300,000 से 550,000 वर्ष पुराने जीवावशेष हैं यह जीवावशेष पीकिंग मैन के हैं, होमो एरेक्टुस का एक नमूना जिन्होंने आग इस्तेमाल किया.पर आज का चीन काफी कुछ बदल चुका है जो वू शी और बीजिंग की इन तसवीरों में साफ दखिता है। हमें ये तस्‍वीरें चीन से लौटकर वरिष्‍ठ पत्रकार श्री जयप्रकाश अवस्‍थी ने भेजी हैं।
चीन के पास दुनिया की सबसे पुरानी और अटूट सभ्यता है, जिसमें छः सहस्राब्दियों से भी अधिक पुराने राज्य और संस्कृतियाँ शामिल हैं. इसके पास दुनिया में काफ़ी समय से लगातार प्रयुक्त लिखित भाषा प्रणाली है और इसे कई बड़े आविष्कारों का स्रोत माना जाता है. ऐतिहासिक रूप से, चीन की सांस्कृतिक परिधि, समग्र पूर्वी एशिया में फैली हुई है, जहाँ चीनी धर्म, रीति-रिवाज, और लेखन-प्रणालियों को, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे पड़ोसी देश, थोड़ी-बहुत हेर-फेर के साथ अपना रहे हैं. चीन में आदि मानव 2.24 लाख से 250000 वर्ष पहले के हैं. ज्हौकौदियन की एक गुफ़ा (फ़िलहाल जो बीजिंग के समीप है) में 300,000 से 550,000 वर्ष पुराने जीवावशेष हैं यह जीवावशेष पीकिंग मैन के हैं, होमो एरेक्टुस का एक नमूना जिन्होंने आग इस्तेमाल किया.पर आज का चीन काफी कुछ बदल चुका है जो वू शी और बीजिंग की इन तसवीरों में साफ दखिता है। हमें ये तस्‍वीरें चीन से लौटकर वरिष्‍ठ पत्रकार श्री जयप्रकाश अवस्‍थी ने भेजी हैं।
चीन के पास दुनिया की सबसे पुरानी और अटूट सभ्यता है, जिसमें छः सहस्राब्दियों से भी अधिक पुराने राज्य और संस्कृतियाँ शामिल हैं. इसके पास दुनिया में काफ़ी समय से लगातार प्रयुक्त लिखित भाषा प्रणाली है और इसे कई बड़े आविष्कारों का स्रोत माना जाता है. ऐतिहासिक रूप से, चीन की सांस्कृतिक परिधि, समग्र पूर्वी एशिया में फैली हुई है, जहाँ चीनी धर्म, रीति-रिवाज, और लेखन-प्रणालियों को, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे पड़ोसी देश, थोड़ी-बहुत हेर-फेर के साथ अपना रहे हैं. चीन में आदि मानव 2.24 लाख से 250000 वर्ष पहले के हैं. ज्हौकौदियन की एक गुफ़ा (फ़िलहाल जो बीजिंग के समीप है) में 300,000 से 550,000 वर्ष पुराने जीवावशेष हैं यह जीवावशेष पीकिंग मैन के हैं, होमो एरेक्टुस का एक नमूना जिन्होंने आग इस्तेमाल किया.पर आज का चीन काफी कुछ बदल चुका है जो वू शी और बीजिंग की इन तसवीरों में साफ दखिता है। हमें ये तस्‍वीरें चीन से लौटकर वरिष्‍ठ पत्रकार श्री जयप्रकाश अवस्‍थी ने भेजी हैं।
चीन के पास दुनिया की सबसे पुरानी और अटूट सभ्यता है, जिसमें छः सहस्राब्दियों से भी अधिक पुराने राज्य और संस्कृतियाँ शामिल हैं. इसके पास दुनिया में काफ़ी समय से लगातार प्रयुक्त लिखित भाषा प्रणाली है और इसे कई बड़े आविष्कारों का स्रोत माना जाता है. ऐतिहासिक रूप से, चीन की सांस्कृतिक परिधि, समग्र पूर्वी एशिया में फैली हुई है, जहाँ चीनी धर्म, रीति-रिवाज, और लेखन-प्रणालियों को, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे पड़ोसी देश, थोड़ी-बहुत हेर-फेर के साथ अपना रहे हैं. चीन में आदि मानव 2.24 लाख से 250000 वर्ष पहले के हैं. ज्हौकौदियन की एक गुफ़ा (फ़िलहाल जो बीजिंग के समीप है) में 300,000 से 550,000 वर्ष पुराने जीवावशेष हैं यह जीवावशेष पीकिंग मैन के हैं, होमो एरेक्टुस का एक नमूना जिन्होंने आग इस्तेमाल किया.पर आज का चीन काफी कुछ बदल चुका है जो वू शी और बीजिंग की इन तसवीरों में साफ दखिता है। हमें ये तस्‍वीरें चीन से लौटकर वरिष्‍ठ पत्रकार श्री जयप्रकाश अवस्‍थी ने भेजी हैं।
चीन के पास दुनिया की सबसे पुरानी और अटूट सभ्यता है, जिसमें छः सहस्राब्दियों से भी अधिक पुराने राज्य और संस्कृतियाँ शामिल हैं. इसके पास दुनिया में काफ़ी समय से लगातार प्रयुक्त लिखित भाषा प्रणाली है और इसे कई बड़े आविष्कारों का स्रोत माना जाता है. ऐतिहासिक रूप से, चीन की सांस्कृतिक परिधि, समग्र पूर्वी एशिया में फैली हुई है, जहाँ चीनी धर्म, रीति-रिवाज, और लेखन-प्रणालियों को, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे पड़ोसी देश, थोड़ी-बहुत हेर-फेर के साथ अपना रहे हैं. चीन में आदि मानव 2.24 लाख से 250000 वर्ष पहले के हैं. ज्हौकौदियन की एक गुफ़ा (फ़िलहाल जो बीजिंग के समीप है) में 300,000 से 550,000 वर्ष पुराने जीवावशेष हैं यह जीवावशेष पीकिंग मैन के हैं, होमो एरेक्टुस का एक नमूना जिन्होंने आग इस्तेमाल किया.पर आज का चीन काफी कुछ बदल चुका है जो वू शी और बीजिंग की इन तसवीरों में साफ दखिता है। हमें ये तस्‍वीरें चीन से लौटकर वरिष्‍ठ पत्रकार श्री जयप्रकाश अवस्‍थी ने भेजी हैं।
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चीन के पास दुनिया की सबसे पुरानी और अटूट सभ्यता है, जिसमें छः सहस्राब्दियों से भी अधिक पुराने राज्य और संस्कृतियाँ शामिल हैं. इसके पास दुनिया में काफ़ी समय से लगातार प्रयुक्त लिखित भाषा प्रणाली है और इसे कई बड़े आविष्कारों का स्रोत माना जाता है. ऐतिहासिक रूप से, चीन की सांस्कृतिक परिधि, समग्र पूर्वी एशिया में फैली हुई है, जहाँ चीनी धर्म, रीति-रिवाज, और लेखन-प्रणालियों को, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे पड़ोसी देश, थोड़ी-बहुत हेर-फेर के साथ अपना रहे हैं. चीन में आदि मानव 2.24 लाख से 250000 वर्ष पहले के हैं. ज्हौकौदियन की एक गुफ़ा (फ़िलहाल जो बीजिंग के समीप है) में 300,000 से 550,000 वर्ष पुराने जीवावशेष हैं यह जीवावशेष पीकिंग मैन के हैं, होमो एरेक्टुस का एक नमूना जिन्होंने आग इस्तेमाल किया.पर आज का चीन काफी कुछ बदल चुका है जो वू शी और बीजिंग की इन तसवीरों में साफ दखिता है। हमें ये तस्‍वीरें चीन से लौटकर वरिष्‍ठ पत्रकार श्री जयप्रकाश अवस्‍थी ने भेजी हैं।
चीन के पास दुनिया की सबसे पुरानी और अटूट सभ्यता है, जिसमें छः सहस्राब्दियों से भी अधिक पुराने राज्य और संस्कृतियाँ शामिल हैं. इसके पास दुनिया में काफ़ी समय से लगातार प्रयुक्त लिखित भाषा प्रणाली है और इसे कई बड़े आविष्कारों का स्रोत माना जाता है. ऐतिहासिक रूप से, चीन की सांस्कृतिक परिधि, समग्र पूर्वी एशिया में फैली हुई है, जहाँ चीनी धर्म, रीति-रिवाज, और लेखन-प्रणालियों को, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे पड़ोसी देश, थोड़ी-बहुत हेर-फेर के साथ अपना रहे हैं. चीन में आदि मानव 2.24 लाख से 250000 वर्ष पहले के हैं. ज्हौकौदियन की एक गुफ़ा (फ़िलहाल जो बीजिंग के समीप है) में 300,000 से 550,000 वर्ष पुराने जीवावशेष हैं यह जीवावशेष पीकिंग मैन के हैं, होमो एरेक्टुस का एक नमूना जिन्होंने आग इस्तेमाल किया.पर आज का चीन काफी कुछ बदल चुका है जो वू शी और बीजिंग की इन तसवीरों में साफ दखिता है। हमें ये तस्‍वीरें चीन से लौटकर वरिष्‍ठ पत्रकार श्री जयप्रकाश अवस्‍थी ने भेजी हैं।
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