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मुरली के अल्बम से दक्षिनेश्वर मन्दिर दार्जिलिंग की तस्वीर
'क्वीन ओफ हिल्स' के नाम से मशहूर दार्जिलिंग कभी सिक्किम का हिस्सा हुआ करता था। 1835 में अंग्रेजो ने लीज पर लेकर इसे हिल स्टेशन की तरह विकसित करना प्रारम्भ किया। फिर चाय की खेती और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों की शुरुआत भी हुई। कुछ इस तरह से 'क्वीन ओफ हिल्स' का विकास शुरू हुआ। दार्जिलिंग की यात्रा का एक खास आकर्षण हरे भरे चाय के बागान हैं।
'क्वीन ओफ हिल्स' के नाम से मशहूर दार्जिलिंग कभी सिक्किम का हिस्सा हुआ करता था। 1835 में अंग्रेजो ने लीज पर लेकर इसे हिल स्टेशन की तरह विकसित करना प्रारम्भ किया। फिर चाय की खेती और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों की शुरुआत भी हुई। कुछ इस तरह से 'क्वीन ओफ हिल्स' का विकास शुरू हुआ। दार्जिलिंग की यात्रा का एक खास आकर्षण हरे भरे चाय के बागान हैं।
'क्वीन ओफ हिल्स' के नाम से मशहूर दार्जिलिंग कभी सिक्किम का हिस्सा हुआ करता था। 1835 में अंग्रेजो ने लीज पर लेकर इसे हिल स्टेशन की तरह विकसित करना प्रारम्भ किया। फिर चाय की खेती और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों की शुरुआत भी हुई। कुछ इस तरह से 'क्वीन ओफ हिल्स' का विकास शुरू हुआ। दार्जिलिंग की यात्रा का एक खास आकर्षण हरे भरे चाय के बागान हैं।
'क्वीन ओफ हिल्स' के नाम से मशहूर दार्जिलिंग कभी सिक्किम का हिस्सा हुआ करता था। 1835 में अंग्रेजो ने लीज पर लेकर इसे हिल स्टेशन की तरह विकसित करना प्रारम्भ किया। फिर चाय की खेती और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों की शुरुआत भी हुई। कुछ इस तरह से 'क्वीन ओफ हिल्स' का विकास शुरू हुआ। दार्जिलिंग की यात्रा का एक खास आकर्षण हरे भरे चाय के बागान हैं।
'क्वीन ओफ हिल्स' के नाम से मशहूर दार्जिलिंग कभी सिक्किम का हिस्सा हुआ करता था। 1835 में अंग्रेजो ने लीज पर लेकर इसे हिल स्टेशन की तरह विकसित करना प्रारम्भ किया। फिर चाय की खेती और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों की शुरुआत भी हुई। कुछ इस तरह से 'क्वीन ओफ हिल्स' का विकास शुरू हुआ। दार्जिलिंग की यात्रा का एक खास आकर्षण हरे भरे चाय के बागान हैं।
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'क्वीन ओफ हिल्स' के नाम से मशहूर दार्जिलिंग कभी सिक्किम का हिस्सा हुआ करता था। 1835 में अंग्रेजो ने लीज पर लेकर इसे हिल स्टेशन की तरह विकसित करना प्रारम्भ किया। फिर चाय की खेती और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों की शुरुआत भी हुई। कुछ इस तरह से 'क्वीन ओफ हिल्स' का विकास शुरू हुआ। दार्जिलिंग की यात्रा का एक खास आकर्षण हरे भरे चाय के बागान हैं।
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'क्वीन ओफ हिल्स' के नाम से मशहूर दार्जिलिंग कभी सिक्किम का हिस्सा हुआ करता था। 1835 में अंग्रेजो ने लीज पर लेकर इसे हिल स्टेशन की तरह विकसित करना प्रारम्भ किया। फिर चाय की खेती और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों की शुरुआत भी हुई। कुछ इस तरह से 'क्वीन ओफ हिल्स' का विकास शुरू हुआ। दार्जिलिंग की यात्रा का एक खास आकर्षण हरे भरे चाय के बागान हैं।
'क्वीन ओफ हिल्स' के नाम से मशहूर दार्जिलिंग कभी सिक्किम का हिस्सा हुआ करता था। 1835 में अंग्रेजो ने लीज पर लेकर इसे हिल स्टेशन की तरह विकसित करना प्रारम्भ किया। फिर चाय की खेती और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों की शुरुआत भी हुई। कुछ इस तरह से 'क्वीन ओफ हिल्स' का विकास शुरू हुआ। दार्जिलिंग की यात्रा का एक खास आकर्षण हरे भरे चाय के बागान हैं।
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'क्वीन ओफ हिल्स' के नाम से मशहूर दार्जिलिंग कभी सिक्किम का हिस्सा हुआ करता था। 1835 में अंग्रेजो ने लीज पर लेकर इसे हिल स्टेशन की तरह विकसित करना प्रारम्भ किया। फिर चाय की खेती और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों की शुरुआत भी हुई। कुछ इस तरह से 'क्वीन ओफ हिल्स' का विकास शुरू हुआ। दार्जिलिंग की यात्रा का एक खास आकर्षण हरे भरे चाय के बागान हैं।
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मुरली के अल्बम से दक्षिनेश्वर मन्दिर दार्जिलिंग की तस्वीर
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ज़िम्बाब्वे - दक्षिणी अफ्रीका में स्थित एक देश
वेनेज़ुएला - दक्षिणी अमरीका महाद्वीप में स्थित
टोंगा - एक द्वीपसमूह
नीदरलैंड एंटीलिज - एक द्वीप देश
ज़ाम्बिया - दक्षिण अफ्रीका में स्थित
वेल्ज़ - युनाइटेड किंगडम का प्रान्त
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